राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड बागवानी समेकित विकास मिशन (एमआईडीएच) की उप योजना के रूप में कार्यक्रमों को कार्यान्वित करता है। राबाबो एमआईडीएच के तहत एनएचएम और एनबीएम सहित राष्ट्रीय स्तर टीएसजी को भी रखेगा और उनके
क्रियान्वयन के संबंध में प्रशासनिक, संभार-तंत्र संबंधी और कार्मिक सहायता को बढाएगा।
राबाबो योजनाओं की सूची नीचे दी गई हैः-
- बागवानी फसलों के उत्पादन तथा कटाई पश्चात प्रबंधन के माध्यम से वाणिज्यिक बागवानी का विकास।
- बागवानी उत्पाद के लिए शीत संग्रहगारों/भंडारणों के निर्माण/विस्तार/आधुनिकीकरण के लिए पूंजी निवेश सहायिकी योजना।
- बागवानी के संवर्धन के लिए प्रौद्योगिकी विकास और अंतरण
- बागवानी फसलों के लिए बाजार सूचना सेवा
- बागवानी संवर्धन सेवा/विशेषज्ञ सेवाए
उपरोक्त उल्लिखित योजनाओं के लिए लागत प्रतिमानकों और सहायता-तरीका को संलग्नक (III) में दिया गया है।
सभी योजनाओं के लिए सामान्य दिशा-निर्देश
2.1 आवेदन पत्र को भरने की प्रक्रिया
आॅन-लाईन आवेदन पत्र, आवेदन पत्र की लागत, परियोजनाओं का निरीक्षण, परियोजना प्रस्तावों की संवीक्षा के लिए संवीक्षा मानदंडों, प्रक्रिया एवं विभिन्न स्वीकृतियों और अनुमोदनों एवं रिकार्ड रखरखाव सहित सभी योजनाओं के अंतर्गत
वित्तीय सहायता के लिए आवेदन पत्र को भरने हेतु विस्तृत प्रक्रिया समय-समय पर निदेशक मंडल/प्रबंध समिति द्वारा
निर्धारित की जाएगी।
2.2 वित्तीय सहायता की मंजूरी हेतु प्रक्रिया
अनुमोदित प्रतिमानकों के अनुसार वित्तीय सहायता की मंजूरी निदेशक मंडल/कृषि एवं सहकारिता विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी। विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वित्तीय
सहायता की मंजूरी हेतु प्रक्रिया संबंधित अघ्यायों में दी गई है।
2.3 लागू होने की तारीख
योजना के दिशा-निर्देश 01-04-2014 से लागू होंगे।
2.4 पात्र संगठन
जब तक अन्यथा विनिर्दिष्ट न हो, संगठनों/प्रवर्तकों जैसे उत्पादकों की एसोसिएशन, व्यक्ति, किसान उत्पादकों/उपभोक्ताओं का समूह, कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), भागीदारी/मालिकाना फर्मों, स्वतः सहायता समूह (एसएचजीओ), गैर सरकारी संगठनों, कम्पनियों, निगमों, सहकारिताओं, सहकारी विपणन फेडरेशनों, कृषि उत्पाद विपणन समितियां, विपणन बोर्ड/समितियां, नगर निगमों/समितियों, कृषि उद्योग निगमों, एस.ए.यू, और अन्य संबंधित अनुसंधान और विकास संगठन जोकि रा.बा.बो. की सभी योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र है।
2.5 सहायता का तरीका
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता का तरीका और घटकों का ब्योरा उनसे संबंधित अध्यायों में दिया गया है। सहायता
का तरीका, लागत प्रतिमानकों, पात्रता, योजना क्रियान्वयन की प्रक्रिया आदि में सरकार द्वारा अनुमोदित परिवर्तनों
को अभी से दिशानिर्देशों में समय-समय पर शामिल किया जाएगा। रा.बा.बो. की योजनाओं और एनएचएम सहित
एमआईडीएच की अन्य योजनाओं का आपस में अनन्य होगा और लाभ का दावा केवल एक परियोजना के लिए एक
योजना से लिया जा सकता है। वे घटक जो एमआईडीएच की किसी भी अन्य उप योजनाओं अथवा अन्य केन्द्रीय योजना
के अंतर्गत सहायता प्राप्त है, रा.बा.बो की सहायता के लिए पात्र नहीं होंगें।
2.6 लागत प्रतिमानक
लागत प्रतिमानकों का उद्देश्य कुछ निश्चित क्षेत्रों में निवेश प्रोत्साहन करना है और परियोजना में केवल स्वीकार्य मदों से संबंधित है। इसके अलावा, परियोजनाओं के लिए लागत प्रतिमानकों (अध्याय-V पृ.सं. 85-100) को निधीयन तंत्र के रूप में न समझा जाए।
2.7 कानूनी
कोई भी विवाद केवल गुड़गाँवा न्यायालय के क्षेत्राधिकार के आधीन होगा।